अवशेष

इश्क़ के इतने किस्सों में भी हम पीछे ही रह गए इश्क़ आया हिस्सों में और हम हिस्से ही रह गए।

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एक्स्ट्रा लगेज

तुम अपना वजूद छोड़ गएबिस्तर की सिलवटों के बीचऔर मेरे होंठों के किनारों पररातों पे छोड़ गएकभी न उतरने वाले क़र्ज़सुबहों को लाद दिया तुमनेअपनी बाहों की गर्माहट सेऔर उजालों…

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Dear Madam

Dear Madam,मैं आज भी आपकी तस्वीर देखकर हँस देता हूँये सोचकर कि उस वक़्तजब इश्क़ जैसी राहत मेरी समझ से बाहर थीन जाने आपको देखकर कैसे इक बार में ही…

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