अवशेष

इश्क़ के इतने किस्सों में भी हम पीछे ही रह गए इश्क़ आया हिस्सों में और हम हिस्से ही रह गए।

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मतभेद

मोहब्बत के इतने किस्सों में हर किस्सा मेरा अधूरा रहा कभी वो मुझसे रूठ गयी कभी मैं उसे गवारा* न रहा *बर्दाश्त

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क्या कहती हो?

तुम पूछ रही थी न कि तुम्हारे घर में वाशिंग मशीन है फिर भी खिड़की के पर्दे कितने गंदे हैं तकिए का कवर भी कितना गंदा हो गया है तेल…

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एक्स्ट्रा लगेज

तुम अपना वजूद छोड़ गएबिस्तर की सिलवटों के बीचऔर मेरे होंठों के किनारों पररातों पे छोड़ गएकभी न उतरने वाले क़र्ज़सुबहों को लाद दिया तुमनेअपनी बाहों की गर्माहट सेऔर उजालों…

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Hindi Poetry performance at Rangrez Toli

1.दिन में आशिक़ी रात को काम करता हूँपागल हूँ बे सिर पैर के काम करता हूँ 2.तुमसे कहजाने को क्या-क्या राग लगा के बैठा हूँ दिल की आवारा गलियों में रात बिछा…

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तुम चाहो या न चाहो

जब तक मैं इस धरती पर हूँतुम चाहो या न चाहोमाँगो या न माँगोमैं फिर भीअपने ज़िंदा होने के सबूततुम्हें देता रहूँगाकभी अन्याय के ख़िलाफ़ लड़करकभी किसी का झूठ झूठ…

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संसार

ये पौधेये पेड़कंकड़पत्थरमाटी की बामीआसमानसब भाग रहे हैंएक बुद्ध की तलाश मेंखुद में एक-एक बुद्ध छुपाये।

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ज़िन्दगी के नाम

Dear Zindgiज़िन्दगी तुझे तलाश करते-करतेन जाने कहाँ निकल आये हमऔर कमबख्त तुम्हें फुरसत नहींव्हाट्स एप और एफ़बी से निकलने कीYours trulyChakresh Surya

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