ग़लती

मैं... मैं ग़लतियों का पुलिंदा हूँ और ख़ुदकी की ग़लती किसे दिखती है अक्सर नहीं दिखती पर जब कोई दिखाता है तो मैं कोशिश करता हूँ देखने की कभी-कभी नहीं…

Continue Reading

कच्चे रिश्ते

मिट्टी के बर्तन में दरार तो साफ़ दिखती है लेकिन वो आयी किस तरफ़ से ये कोई नहीं बता सकता रिश्तों में भी ऐसा ही होता है हर कोई सोचता…

Continue Reading
Close Menu