इस्तीफा

Dear Sir,पिछले कई महीनों में मैंने आपको अपनी व्यवसायिक समस्याएं व्यक्तिगत तौर पर बताने के बाद ही ई-मेल का सहारा लिया था. पर अब तक किसी तरह का ठोस समाधान…

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ऊब

आजकल लिखने का मन नहीं करता, और अगर मन होता भी है तो लिखने में वक़्त नहीं दे पाता. पूरी कोशिश कर रहा हूँ कि कुछ अच्छा लिखूं. पर अच्छा…

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लव आज-कल – नहीं बदली तो इंसान की मैन्फेक्चारिंग

"वक्त बदला, ज़रूरतें बदलीं लेकिन नहीं बदली तो इंसान की मैन्फेक्चारिंग। दिल आज भी वैसे ही धड़कता है जैसा आज से कई सालों पहले लैला-मजनू, हीर-रांझा, सोनी-माहि-वाल के समय में…

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ये शायद मैं हूँ…

तेरे सवालों पर मेरी चुप्पी, तुमसे बहुत कुछ कहती है,पर आज तक क्या कोई खामोशी को लफ्जों में समझ पाया है?तेरे गुस्से पर मेरी आंखों की नमी, सावन का बादल…

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” अबे ! सुनो हम जा रहे हैं, तुम अपना ख्याल रखना। bye “

कल रात हवाएं बहुत तेज़ चल रही थी, बैचेन थीं शायद। हवाओं की बैचेनी से झलक रहा था, जैसे किसी बात को कहने की बहुत जल्दी हो। मौसम भी अचानक…

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